ONGC Q2 Result 2021

देश की महारत्न कंपनी ONGC  ने वित्तीय वर्ष 2021 के सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कम्पनी को सितंबर क्वार्टर में पिछले वर्ष इसी क्वार्टर की तुलना में रिकॉर्ड प्रॉफिट हुआ है। 

सितंबर 2021 की तिमाही में कंपनी को ₹18,347 करोड़  का शुद्ध लाभ (Net Profit) हुआ है, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में ₹2,757 करोड़  था। सितंबर तिमाही में इसमें YoY  लगभग 565% की बढ़त हुई है। 

इसी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी को ₹4,334 करोड़ शुद्ध लाभ (Net Profit) हुआ था। पिछले क्वार्टर की तुलना में कंपनी ने सितंबर क्वार्टर में शुद्ध लाभ में 323% की बढ़त की। 

अगर बात करें इस वित्तीय वर्ष के सितंबर क्वार्टर में कंपनी के रेवेन्यू की तो वह ₹24,353 करोड़ रहा है। जो पिछले वर्ष इसी क्वार्टर की तुलना में 44% अधिक है। पिछले वर्ष इसी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹16,917 करोड़ था। 

सितंबर 2021 की तिमाही में कंपनी को इसी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में हुए रेवेन्यू से 5.7% अधिक है। इस वित्तीय वर्ष के पहले क्वार्टर में कंपनी का रेवेन्यू ₹23,021 करोड़ था।  

इसके साथ ही कंपनी ने ₹5.5 प्रति शेयर डिविडेंड देने की भी घोषणा की है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 23 नवंबर 2021 तय की गई है। 

ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ONGC) भारत सरकार की महारत्न कंपनी है। यह मुख्यता क्रूड ऑयल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में काम करती है। 

कंपनी का शेयर BSE  पर सोमवार को 2.46%  की बढ़त के साथ ₹158.45 पर बंद हुआ। 

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bank of baroda q2 result 2021

बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस वित्त वर्ष की सितम्बर 2021 तिमाही के नतीजे जारी कर दिये हैं। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही मे बैंक को पिछले वर्ष इसी तिमाही की तुलना में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 24% बढ़कर ₹2,088 करोड़ हुआ, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹1,679 करोड़ था।
Bank of Baroda की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income) इस वित्त वर्ष की सितम्बर 2021 तिमाही में 2% बढ़कर ₹7,566 करोड़ रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹7,508 करोड़ थी। बैंक का कुल ब्याज मार्जिन (Net Interest Margin) भी इस तिमाही में बढ़कर 2.85% रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 2.78% था।
सितम्बर 2021 तिमाही मे बैंक की एसेट क्वालिटी मे सुधार हुआ है। इस तिमाही मे Gross NPA 8.1% रहा, जो पिछली वित्त वर्ष की इसी तिमाही मे 8.86% रहा। इस तिमाही मे बैंक का रुपये मे ग्रोस एनपीए ₹59,504 करोड़ रुपये है, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ₹65,698 करोड़ था।
बैंक का शुद्ध एनपीए (Net NPA) इस तिमाही मे कम होकर 2.8% पर रहा। जो बैंक के लिए एक सकारात्मक चिन्ह है।
बुधवार को NSE पर बैंक का शेयर 5.31% गिरकर ₹100.70 पर बंद हुआ।

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Escorts Ltd ने इस वर्ष जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस तिमाही में कंपनी ने 25,935 ट्रैक्टर बेचे जबकि पिछले साल इसी तिमाही में इसने 18,150 ट्रैक्टर बेचे थे। यह बीते वित्त वर्ष इसी तिमाही के मुकाबले 42.9% अधिक हैं।

Escorts Ltd कंपनी मुख्यता कृषि उपकरण बनाती है।
कंपनी ने इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में लगभग दोगुना मुनाफा कमाया है, यह इस बार 178.45 करोड़ रुपये रहा है। जबकि कंपनी का मुनाफा बीते वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 92.58 करोड़ रुपये था।

अगर बात करें कंपनी की कुल आय की तो वह इस तिमाही में 1,701.79 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 1,089.26 करोड़ रुपये पर थी.

कंपनी ने इस तिमाही में ट्रैक्टर की 25,935 यूनिट की बिक्री है जो 42.9 प्रतिशत बढ़ गई है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कम्पनी ने 18,150 ट्रैक्टर बेचे थे.

तिमाही के नतीजे आने के बाद कंपनी के शेयर BSE और NSE पर गुरुवार को 11.4 अंक या 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,222.75 रुपये पर ट्रेड हुए।

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HDFC Q1 Results F21-22

हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन (HDFC) लिमिटेड ने सोमवार 30 जून 2021 को जून तिमाही नतीजे पेश कर दिए है।


इस अवधि में कंपनी के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे है। कंपनी को अप्रैल से जून के दौरान 3000.67 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। BSE को दी गयी जानकारी के मुताबिक HDFC का ब्याज से कमाई (NII) सालाना आधार पर 3,392 करोड़ रुपए से 22% बढ़कर 4,146.7 करोड़ रुपए की रही।


किन्तु फिर भी पिछली तिमाही और पिछले वर्ष कि इसी तिमाही को देखे to कंपनी का मुनाफा और आय दोनों में कमी आई है।


इस अवधि में कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 1.7 फीसदी घटा है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,051.52 करोड़ रुपए थी। इसी साल मार्च तिमाही में कंपनी को 3,179.83 करोड़ रुपए का प्रॉफिट हुआ। कंपनी की आय 11,663 करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 13,017 करोड़ रुपए रही थी।


कंपनी के AUM में 0.78% हिस्सेदारी Restructured Book की रही। पहली तिमाही में कंपनी के AUM में (Assets Under Management) में सालाना आधार पर 8 फीसदी की बढ़त देखने को मिली और ये 5.74 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

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IDFC Bank June 2021 Quarter Results

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने शनिवार (31 जुलाई 2021) अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं.

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा, “कुल आय सालाना आधार पर 36 प्रतिशत बढ़कर Q1FY22 में 3,034 करोड़ रुपये हो गयी है, जो नेट इंटरेस्ट इनकम और सर्विसेज चार्जेज के कारण हुई है. पिचले साल इसी तिमाही में Q1FY21 के दौरान बैंक कि कुल आय 2,229 करोड़ रुपये थी।”

निजी ऋणदाता आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने शनिवार को कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव को कम करने के उपायों के प्रावधान के कारण अप्रैल-जून तिमाही में 630 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया।

जून 2020 में समाप्त इसी तिमाही में बैंक ने 93.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था और मार्च 2021 में समाप्त हुई तिमाही में 127.81 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।

Q1FY22 के लिए 630 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा कोविड वेव 2.0 के लिए प्रावधानों के कारण है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा, कोविड के प्रभाव को देखते हुए प्रावधान कि राशि को 375 करोड़ से बढाकर 725 करोड़ किया गया है.

बैंक ने कहा कि उसका शुद्ध ब्याज मार्जिन (एनआईएम) – अर्जित और व्यय ब्याज का अंतर – इस तिमाही के दौरान 5.51 प्रतिशत रहा है. पिछले वर्ष इसी तिमाही में यह 4.86 फीसदी था।

शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 2,185 करोड़ रुपये हो गई. बैंक का कुल और शुद्ध NPA, 30 जून, 2021 को क्रमशः 4.61 प्रतिशत और 2.32 प्रतिशत रहा. बैंक का एनपीए पिछले साल कि तुलना में क्रमशः 1.99 प्रतिशत और 0.51 प्रतिशत से बढ़ गए है.

बैंक जमा 36 प्रतिशत बढ़कर 84,893 करोड़ रुपये हो गयी। बैंक का कुल खुदरा ऋण जून तिमाही में 56,043 करोड़ रुपये से बढ़कर 72,766 करोड़ रुपये हो गया है.

बैंक का 1,645 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी लाइन लोन बुक को छोड़कर रिटेल लोन बुक में साल-दर-साल 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.हालांकि पिछले तिमाही की तुलना में इस बार इसमें 1.2 फीसदी की गिरावट आई है. बैंक का होलसेल लोन बुक 15 प्रतिशत गिरकर 40275 करोड़ रुपये से 34,232 करोड़ रुपये पर आ गया है.

इस तिमाही में बैंक का Capital Adequacy Ratio 15.56 प्रतिशत रहा. इसी बीच बैंक का CASA अनुपात 50.86 प्रतिशत रहा.

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ वी वैद्यनाथन ने कहा, “हमारा CASA अनुपात उच्च है उसकी तुलना में हमारा सेविंग्स अकाउंट पर ब्याज कम है, जिस कारण हम अब प्राइम होम लोन बिज़नस में कदम रख सकते हैं.”

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